पैमाने मैकदों में तरसते होठों की चाह करते हैं
शौकिया पीनेवाले कहाँ साकी की परवाह करते हैं
चाहत में बेकरारी नागवार गुज़रती है अक्सर
बासफा इश्क करनेवाले सब्र-ए-निगाह करते हैं
तुमने देखा नहीं हुनर-ए-सुखन का जादू "तीर्थराज"
मरघट में जो शेर पढूं तो मुर्दे वाह-वाह करते हैं
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