तीर्थराज रासो
I WAS AN ATHEIST,TILL I BELIEVED I WAS GOD
Wednesday, November 09, 2011
दो-एक बूँद रिमझिम से,थोड़ी धुंधली पड़ गयी है
वो तस्वीर तेरी जो कब से मेरे सिरहाने रक्खी थी
आहिस्ता-आहिस्ता सही रौनकें उड़ाने लगी हैं अब
लाली तेरे होठों की जो तुझे चूमने के बहाने रक्खी थी
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