तीर्थराज रासो
I WAS AN ATHEIST,TILL I BELIEVED I WAS GOD
Sunday, September 23, 2012
बेतलब गुफ्तगू, कौन पराये से करता है
मेहमाँ-नवाजी जहाँ, किराये पे करता है
आदमी अपनी गिरफ्त में भी महफूज़ नहीं
अँधेरे से बच निकले तो शक साये पे करता है
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