पूछूं तो फिर शर्मा के जो इनकार करते हो
हो ना हो तुम भी किसी से प्यार करते हो
किस-किस से छुपाओगे ये चेहरे की रौनकें
खामखा यारों की चुटकियाँ बेकार करते हो
हर नजर में होती है यहाँ रंजिश घुली हुई
हसरतों का क्यूँ अपनी तुम इश्तेहार करते हो
खूब चढ़ा है अबके ये हिना का रंग 'तीर्थराज'
मोहब्बत एक उसी शख्स से बार-बार करते हो
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