तीर्थराज रासो
I WAS AN ATHEIST,TILL I BELIEVED I WAS GOD
Monday, January 02, 2012
सपनो का वो बसा-बसाया गुलशन कहीं खो गया है
अरमानो से सींच के रक्खा चमन कहीं खो गया है
मोहब्बत जिस शख्स से थी बेशुमार अब नहीं मिलता
"तीर्थराज" के चर्चों में ये "संगम" कहीं खो गया है
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