तीर्थराज रासो
I WAS AN ATHEIST,TILL I BELIEVED I WAS GOD
Saturday, February 23, 2013
मियाँ सुपुर्द-ए-ख़ाक की जैसी भी हो तरकीब, बता देना
जहमत हो तो दफन कर लेना, वगरना यूँ ही जला देना
आखिरी ख्वाहिश में 'शहजाद', इतनी सी रहमत अता करना
चार हसीनो से जनाज़ा उठवाना, दो शेर 'ग़ालिब' के सुना देना
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